Dearness Allowance Calculation – केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है। महंगाई भत्ते यानी डियरनेस अलाउंस (DA) को मूल वेतन में मिलाने की चर्चाएं लंबे समय से चल रही थीं, लेकिन अब सरकार ने इस पर अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।
क्या होता है महंगाई भत्ता?
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को उनके मूल वेतन के अतिरिक्त जो राशि दी जाती है, उसे महंगाई भत्ता कहते हैं। बाजार में जब रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं के दाम चढ़ते हैं, तो कर्मचारियों की असली कमाई पर सीधा असर पड़ता है। इसी आर्थिक असंतुलन को दूर करने के लिए सरकार समय-समय पर DA में बदलाव करती रहती है, ताकि कर्मचारियों की जेब पर महंगाई का बोझ थोड़ा हल्का हो सके।
क्यों हो रही थी बेसिक सैलरी में विलय की बात?
आठवें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग में यह उम्मीद पनप रही थी कि DA को बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाएगा। इससे होता यह कि मूल वेतन एकदम से बढ़ जाता और इसके आधार पर तय होने वाले दूसरे भत्ते भी स्वतः बढ़ जाते। यानी एक झटके में कर्मचारियों को लंबे समय तक आर्थिक फायदा मिलता रहता। इसी संभावना ने कर्मचारियों के बीच उत्साह का माहौल बना दिया था।
सरकार ने तोड़ी चुप्पी, दिया स्पष्ट जवाब
अब सरकार की ओर से इस विषय में आधिकारिक स्थिति सामने आ गई है। सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि DA और DR यानी डियरनेस रिलीफ को मूल वेतन में शामिल करने का अभी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मौजूदा वेतन ढांचे में फिलहाल कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी और पहले की तरह महंगाई भत्ता अलग से ही मिलता रहेगा। इस स्पष्टीकरण के बाद कर्मचारियों के बीच फैली अटकलें और भ्रम की स्थिति पर विराम लग गया है।
किस आधार पर तय होती है DA की दर?
महंगाई भत्ते की दर तय करने के लिए सरकार एक वैज्ञानिक पद्धति अपनाती है। इसके लिए ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स यानी AICPI-IW के आंकड़ों को आधार बनाया जाता है। इसी सूचकांक के जरिए पेंशनभोगियों की महंगाई राहत भी निर्धारित होती है। सरकार आमतौर पर साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में DA की समीक्षा करती है और जरूरत के अनुसार संशोधन किया जाता है।
ताजा आंकड़े क्या कहते हैं?
हाल ही में केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में करीब 3 फीसदी की बढ़ोतरी की है। इस इजाफे के बाद सेवारत कर्मचारियों का DA और पेंशनभोगियों का DR मिलाकर लगभग 58 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया है। कर्मचारियों को यह राशि महंगाई भत्ते के रूप में और सेवानिवृत्त लोगों को महंगाई राहत के नाम से भुगतान की जाती है।
आगे क्या होगा?
सरकार आठवें वेतन आयोग के गठन का ऐलान पहले ही कर चुकी है। इस आयोग की सिफारिशें आने के बाद वेतन संरचना में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि इसी प्रक्रिया के तहत भविष्य में DA से जुड़े नियमों की भी समीक्षा हो सकती है। फिलहाल कर्मचारियों को वेतन आयोग की रिपोर्ट का इंतजार करना होगा।
संक्षेप में कहें तो, DA विलय की उम्मीद फिलहाल टल गई है, लेकिन आठवें वेतन आयोग से जुड़ी संभावनाएं अभी भी कर्मचारियों के लिए उम्मीद की किरण बनी हुई हैं।









