Property Registration Update – साल 2026 में प्रॉपर्टी खरीद और रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ाना और काले धन पर लगाम लगाना है। नए नियमों का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो पत्नी या परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर संपत्ति खरीदते हैं।
वैध आय का प्रमाण देना होगा अनिवार्य
अब यदि कोई व्यक्ति अपनी पत्नी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदता है, तो उसे यह साबित करना होगा कि निवेश की गई राशि वैध स्रोत से आई है।
इसके लिए जरूरी दस्तावेज:
- बैंक ट्रांजैक्शन का पूरा रिकॉर्ड
- चेक या ऑनलाइन पेमेंट का प्रमाण
- डिजिटल भुगतान का स्पष्ट विवरण
अगर लेनदेन में कैश का इस्तेमाल किया गया है और उसका सही रिकॉर्ड नहीं है, तो रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में दिक्कत आ सकती है।
रजिस्ट्रेशन ऑफिस और आयकर विभाग की संयुक्त निगरानी
सरकार ने अब रजिस्ट्रेशन विभाग और आयकर विभाग के बीच समन्वय बढ़ा दिया है।
- बड़े लेनदेन पर नजर रखी जाएगी
- संदिग्ध मामलों में जांच संभव
- बेनामी संपत्ति पर सख्ती
इस कदम से प्रॉपर्टी बाजार में पारदर्शिता बढ़ने और फर्जीवाड़े में कमी आने की उम्मीद है।
पत्नी की आय से खरीदने पर जरूरी दस्तावेज
अगर पत्नी अपनी कमाई से संपत्ति खरीदती हैं, तो उन्हें अपनी आय का प्रमाण देना होगा।
जरूरी दस्तावेजों में शामिल हैं:
- आयकर रिटर्न (ITR)
- सैलरी स्लिप
- फॉर्म 16
- बिजनेस इनकम का रिकॉर्ड
अधिकारी यह भी जांच सकते हैं कि खरीदी गई संपत्ति उनकी आय के अनुरूप है या नहीं।
गिफ्ट डीड बनवाना हुआ जरूरी
यदि पति अपनी पत्नी को पैसे गिफ्ट करता है और उसी से प्रॉपर्टी खरीदी जाती है, तो गिफ्ट डीड बनवाना अब जरूरी हो गया है।
इसके फायदे:
- कानूनी सुरक्षा मिलती है
- भविष्य के विवाद से बचाव
- धन के स्रोत की स्पष्टता
बिना गिफ्ट डीड के रजिस्ट्रेशन में अड़चन आ सकती है।
कैश लेनदेन पर सख्ती
सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दे रही है और कैश ट्रांजैक्शन को सीमित किया जा रहा है।
- डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है
- जांच प्रक्रिया आसान होती है
- धोखाधड़ी की संभावना कम होती है
पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम
नए नियमों का मुख्य उद्देश्य है:
- टैक्स चोरी पर रोक
- बेनामी संपत्ति खत्म करना
- रियल एस्टेट सेक्टर को साफ और भरोसेमंद बनाना
हालांकि इन बदलावों से कागजी प्रक्रिया थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन इससे खरीदारों को भविष्य में सुरक्षा मिलेगी।
2026 के नए नियमों के बाद अब केवल पत्नी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह साबित करना भी जरूरी होगा कि निवेश की गई राशि वैध है। इसलिए प्रॉपर्टी खरीदने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और जरूरत पड़ने पर किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।









